Mere School ka chaprasi My School Peon Essay

मेरे स्कूल का चपरासी

मेरे स्कूल के चपरासी का नाम राकेश है। राकेश मेरे ही गांव का है।
वह अधेड़ उम्र का है लेकिन बहुत ही समझदार है। राकेश एक बहुत ही मेहनती तथा इमानदार आदमी है। वह अपने काम को बहुत अच्छी तरह समझता है।
राकेश सुबह सबसे पहले विद्यालय आ जाता है तथा सबसे अंत में घर वापस जाता है। वह सुबह आकर सभी desk साफ करता है, सभी कुर्सियों को साफ करता है तथा यह भी ध्यान रखता है कि सब कुछ सुचारु रूप से चल रहा है।
राकेश यह भी ध्यान रखता है कि प्रधानाध्यापिका जी का दफ्तर साफ सुथरा है। राकेश सभी रजिस्टरों तथा सब files को सलीके से रखता है।
राकेश नियमित रूप से सही समय पर स्कूल आता है। वह सही समय पर घंटी बजा कर स्कूल के शुरुआत होने का एलान करता है।
राकेश हर कक्षा के खत्म होने के बाद घंटी बजाता है। राकेश दिनभर काम में व्यस्त रहता है। वह प्रधानाध्यापिका जी के हर हुक्म का पालन करता है तथा अध्यापकों कि कहीं गई सब बातों को मानता है। राकेश सभी से विनम्रता से बात करता है।
क्योंकि वह एक चपरासी है इसलिए उसे बहुत ज्यादा तनख्वाह नहीं मिलती। वह बहुत मुश्किल से अपने घर का खर्चा चलाता है।
राकेश ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है लेकिन फिर भी अपना काम बहुत इमानदारी से और अच्छी तरह से निभाता है। राकेश स्कूल का एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है।
हम यह कभी नहीं भूल सकते कि चपरासी भी एक इंसान होता है। हमें उसकी छोटी मोटी गलतियों को नजरअंदाज कर उसे एक इंसान की तरह इज्जत देनी चाहिए।

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