स्वावलंबन Self Sufficiency Hindi Knowledge

स्वावलंबन सफलता कि कुंजी हैI स्वावलंबी व्यक्ति जीवन में यश और धन दोनों अर्जित करता हैI दूसरे के सहारे जीने वाला व्यक्ति तिरस्कार का पात्र बनता हैI निरंतर निरादर और तिरस्कार पाता हुआ वह अपने-आप में हीन-भावना से ग्रस्त होने लगता हैI जीवन का यह तथ्य व्यक्ति जीवन पर ही नहीं, वरन जातीय व राष्ट्र जीवन पर भी लागु होता हैI यही कारण है कि स्वाधीनता संग्राम के दौरान गांधी जी ने देशवासियों में जातीय गौरव जगाने हेतु स्वावलंबन का संदेश दिया थाI
इस दिशा में गांधी जी के चरखा-आंदोलन और दांडी कूच बड़े प्रभावी कदम सिद्ध हुएI स्वावलंबन के मार्ग पर चलकर ही व्यक्ति, जाति, समाज अथवा राष्ट्र उत्कर्ष को प्राप्त होते हैंI एक कवि के शब्दों में ‘स्वावलंबन कि एक झलक पर न्योछावर कुबेर का कोष’I