व्यायाम के लाभ Benefits Of Exercises

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Benefits Of Exercises

Benefits Of Exercises

व्यायाम के लाभ

जिस प्रकार मानव जीवन के लिए वायु, जल तथा भोजन की आवयशकता है और इनके अभाव से मानव जीवित नहीं रह सकता, इसी प्रकार व्यायाम भी मानव जीवन के लिए परम आव्यशक है. इसकी कमी से या इसको नियमित रूप से ना करने से मनुष्य का जीवन दुर्बल और अनेक रोगों का घर बन जाता है. जिसके कारण भगवान से प्राप्त सभी ऐश्वर्य भी नीरभ प्रतीत होते हैं.

व्यायाम से शारीरिक शक्ति बढ़ती है. स्वास्थ्य में वृधि होती है और स्वास्थ्य अच्छा ना होने पर मनुष्य संसारिक ऐश्वर्यों का भली भाँति उपयोग नहीं कर सकता. धन कमा सकता है परंतु धन से स्वास्थ्य प्राप्त नहीं कर सकता. स्वास्थ्य व्यायाम द्वारा ही प्राप्त कर सकता है. अत: प्रत्येक व्यक्ति को नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए.

व्यायाम करने से शरीर हल्का तथा फुर्तीला बन जाता है. उधम तथा उत्साह बढ़ता है. पाचन शक्ति तेज़ होती है. पठे तथा हड्डियाँ दरिड हो जाती हैं. व्यायाम से शरीर बलिष्ठ और सुडौल बन जाता है. मस्तिष्क का विकास होता है क्यूंकी स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है. प्रत्येक अंग सुदृड होकर अपना कार्य सुचारू रूप से कर सकता है.

व्यायाम अनेक प्रकार से किया जाता है. दंड पेलना, मुगदर, मूँगली फेरना, कुश्ती लड़ना, खेल खेलना, कबड्डी , सैर करना आदि अनेक प्रकार के व्यायाम हैं, परंतु जो व्यायाम धीरे धीरे हो, वही सर्वौतम है.
नियम से प्रतिदिन व्यायाम करना लाभदयक होता है. व्यायाम अपनी शक्ति से बढ़कर कभी नहीं करना चाहिए. थकावट अनुभव होने पर व्यायाम छोड़ देना चाहिए.

और ज्यों ज्यों शक्ति का संचार अधिक हो, त्यों त्यों व्यायाम की मात्रा बढ़ाई जा सकती है. शक्ति से बढ़कर व्यायाम करना हानिकारक सिद्ध हो सकता है. शीत काल तथा बसंत ऋतु व्यायाम के लिए अच्छी हैं. गर्मी तथा वर्षा में कम व्यायाम करना चाहिए.

बूढ़ों तथा रोगियों के लिए सैर सर्वोत्तम व्यायाम है. शिशुओं का खेलों द्वारा ही व्यायाम हो जाता है. भूख और प्यास में व्यायाम कभी नहीं करना चाहिए और भोजन करने के एकदम बाद भी व्यायाम नहीं करना चाहिए.

व्यायाम कपूर्ण लाभ तभी होता है जब स्वच्छ वातावरण में किया जाए क्यूंकी स्वच्छ वायु ही रक्त सॉफ कर सकती है. मालिश भी एक प्रकार का व्यायाम है. मालिश से थकावट दूर हो जाती है और नींद भी खूब आती है. अंग में कोमलता और लचक उत्तपन्न होती है. फोड़े फुंसियाँ भी नहीं रहते.

स्वास्थ्य बहुमूल्य धन है. जिसने स्वास्थ्य पा लिया, उसने सब कुच्छ पा लिया. स्वास्थ्य खोने वाला सब कुछ खो बैठता है. इसलिए हम सबको अपने स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखना चाहिए. स्वास्थ्य की कुंजी व्यायाम ही है. व्यायाम से आयु बढ़ती है. अत: हमें व्यायाम प्रतिदिन करना चाहिए.