धूप-स्नान Benefits of Sun Bath Essay In Hindi

धूप-स्नान

 

 

जैसे पौधों और जानवरों के जीवन के लिए सूर्य की रोशनी बहुत जरुरी है, वैसे ही उपवास करने वालों के लिए भी वह बहुत उपयोगी हैI इसे कोई इलाज नही मानना चाहिएI कैलशियम और फासफोरस के कारण धूप-स्नान से मांसपेशियो को अधिक बल मिलता हैI जीवन कि स्वाभाविक प्रक्रिायों को भी इससे काफी लाभ पंहुचता हैI

नियमित रूप से धूप-स्नान करने मैं शारीरिक शक्ति का भी कम ह्रास होता हैI शरीर को काफी विश्राम मिलता हैI शीतकाल में सुबह धूप-स्नान करना चाहिए, गर्मी में सूर्यास्त के समय, अगर मौसम में ठंडक रहेI अगर मौसम अच्छा हो, तापमान सुखदायी हो, तो दिन के किसी भी, समय धूप-स्नान किया जा सकता हैI

प्रारम्भ में शरीर को खोलकर पांच मिनट तक सामने के हिस्सों पर और पांच मिनट तक पीछे के हिस्सों पर धूप का सेवन करना चाहिएI दूसरे दिन छह दिन का स्नान करना चाहिएI इस तरह एक-एक मिनट रोजाना बढ़ाते रहना चाहिए, किन्तु बाजू का स्नान आधे घंटे से अधिक नही होना चाहिएI जब कभी उपवास करनेवालों को कमजोरी या घबराहट का आभास हो, तो धूप-स्नान का समय घटा देना चाहिए और अतिरीक्त श्रम कदापि नही करना चाहिएI
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