Ozone Layer Hindi Essay

ओज़ोन परत : धरती का रक्षा कवच

Ozone Layer Hindi Essay

                 प्रकृति ने हमारी पृथ्वी के चारों तरफ १५-३५ कि. मी. की दूरी तक ओज़ोन गैस हमारी रक्षा के लिए छोड़ रखा है.

वह सूर्य से निकालने वाली नुक़सानदायक किरणों के साथ साथ पराबैंगनी किरणों को सोख लेती है तथा उन्हें पृथ्वी तक नहीं आने देती और अगर ऐसा ना हो तो वह किरणें धरातल से से संपर्क में आकर जीवों तथा मानवों की रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक शामता का हवास करती है जिस कारण मोतिया बिन्द और चरम रोग ( रोग कैंसर) हने की आशंका काफ़ी बॅड जाती है. ओज़ोन एक यूनानी शब्द है जो ओज़ो से बना है जिसका अर्थ है गंध. यह एक नीले रंग की तीखी गंध वाली गैस है.

                इसका रूप आक्सीजन से मिलता जुलता है. जब सूर्य की विकीरेंण आक्सीजन से मिलती हैं तो रसायनिक क्रिया करके ओज़ोन में बदल जाती हैं और क्यूंकी यह क्रिया प्रकाश , रसायनिक क्रिया द्वारा होती है इसलिए इसको केमोस्फेयर नाम भी दिया गया है. ओज़ोन की मात्रा वायुमंडल में काफ़ी कम है अर्थात दस लाख में एक हिस्सा से भी कम. ओज़ोन गैस आक्सीजन के तीन प्रमानुयों से बनी है – O2 + O = O3, जबकि आक्सीजन दो से बना है ( O2 )