My Leaving School Hindi Paragraph | School Farewell

MY LEAVING SCHOOL

3 मार्च 1990, मेरे स्कूल का आखिरी दिन था। उस दिन मैं खुश भी था और दुखी भी। खुश इसलिए की में कॉलेज जाऊंगा और दुखी इसलिए की मेरे स्कूल छोड़ने के विचार से जहाँ मैंने जीवन के सात साल बिताए थे। 09:15 पर सामान्य रूप से स्कूल पहुंच गया।मेरे पास केवल एक ही किताब थी जो मैंने पुस्तकालय से उधार ली थी । सभी 10 वीं कक्षा के छात्र बिना बैग के स्कूल आये थे ।

उस दिन कोई शिक्षण नही हुई थी। मैं पुस्तकालय के पास गया और किताब लौटा आया । तब मैंने लाइब्रेरियन और शिक्षकों द्वारा हस्ताक्षर किए गए एक ‘कोई बकाया स्लिप’ लिया । मैंने वो स्लिप क्लर्क को सौंप दी और अपना रोल नंबर स्लिप प्राप्त किया। मैं गणित में कुछ समस्याओं का समाधान नहीं कर पाया था तो मैं गणित के शिक्षक के पास गया और मेरी कठिनाइयों का हल मिल गया। मैंने अपने मित्रों से मुलाकात की। कई अपने भविष्य के कैरियर की बात कर रहे थे , जबकि उनमें से कुछ आ रही परीक्षा की बात कर रहे थे ।

एक विदाई पार्टी 5 बजे आयोजित की गई । 11 वीं कक्षा के छात्रों ने मेजबान की भूमिका निभाई। कार्यक्रम में एक छोटी विभिन्न प्रकार के शो और कुछ भाषणों के शामिल थे । 11 वीं कक्षा के कुछ छात्रों ने अपने शिक्षकों और स्कूल में अपने प्रवास का वर्णन किया और एक कावाली गाई थी । हमारे प्रिंसिपल ने कहा की हमारी स्मृति हमेशा के लिए स्कूल के नुक्स और कोनों में रहेगा। प्राचार्य बाहर जाने वाले छात्रों के लिए भविष्य में भारत के महान नागरिकों की सफलता के लिए कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। जब समारोह खत्म हो गया था तब मैं अपने शिक्षको से मिला और अपने दोस्तों के साथ हाथ मिलाया और घर लौट आया ।