Lala Lajpat Rai Hindi Essay लाला लाजपतराय

लाला लाजपतराय जी का जन्म सन 1866 में लुधियाना के जगराव कस्बे के मुन्शी राधा कृष्ण जी के घर में हुआ I इन्होंने अम्बाला के हाई स्कूल की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उतीर्ण की I फिर लाला जी आगे की पढ़ाई के लिए लाहौर के डी ए वी कॉलेज में गये I

लाला जी की बाल गंगाधर तिलक जी के प्रति बहुत श्रद्धा थी I कुछ समय के बाद लाला जी अखिल भारतीय कांग्रेस के प्रधान चुने गये I फिर इन्होंने लाहौर हाई कोर्ट में वकालत शुरू कर दी और बहुत सफल रहे I लाला जी किसानों और जमींदारो के बनकर उभरे और इनसे अंग्रेज चिढ़ गये और इनको जेल में बंद कर दिया I लाला जी बहुत निडर और साहसी नेता थे I लोग इनको ‘पंजाब केसरी’ कहकर पुकारते थे अर्थात पंजाब का शेर I

अंग्रेजो ने लाला जी को देशद्रोही कहकर देश निकाला दे दिया I फिर ये अमेरिका आदि देशों में चले गये और भारत की आजादी का प्रचार करने लगे I फिर लाला जी जापान चले गये और पहला विश्वयुद्ध खत्म होने के बाद स्वदेश लौटे I 1928 को लाहौर में साइमन कमीशन के विरोध करने वाले जुलुस का नेतृत्व लाला जी ही कर रहे थे I सांडर्स नामक अंग्रेज ने लोगों पर लाठियां बरसाने का आदेश दिया और लाला जी को बहुत गम्भीर चोटें आई I अंततः गम्भीर घावों की वजह से लाला जी 17 नवम्बर 1928 को स्वर्ग सिधार गये I देश इस अमर बलिदानी को हमेशा याद रखेगा I