KALPANA CHAWLA

KALPANA CHAWLA

कल्पना चावला २१ वीं शताब्दी की वह महिला है जिन्होंने सब लड़कियों को यह प्रेरणा दी की आज कल लड़कियां भी लड़कों से काम नही है । कल्पना चावला को देख कर कहा जा सकता है की अब लड़के लड़कियों में कोई फर्क नही है । कल्पना चावला एकमात्र पहेली महिला है जिन्होंने महिला सशक्तिकरण की एक नै कहानी लिखी है। आज उनसे प्रेरित होकर कई लड़कियों ने अपने सपनो को साकार करने की उड़ान भरी थी । कल्पना चावला का जनम एक जुलाई हरियाणा करनाल कसबे में हुआ था । इनके पिता का नाम श्री बनारसी लाल चावला था । इनकी माता नाम संज्योति था । यह अपने परिवार में भाई बहन थे । कल्पना चावला अपने भाई बहनो में सबसे छोटी थी ।कल्पना चावला का विवाह अमेरिका के एक व्यक्ति जीन पियरे हैरिसन से हुई । कल्पना चावला एक शर्मीले स्वभाव थी ।
कल्पना प्राथमिक शिक्षा टैगोर काल निकेतन में हुई । कल्पना जब ८ वष की थी तो उन्होंने इंजीनियर बनने की इच्छा प्रकट थी । तब उनकी माँ ने अपनी बेटी की भावनाओ को समझते हुए उन्हें आगे बढ़ने में मदद की । कल्पना में लगन और जुझारू प्रवति के गुण थे । कल्पना ने अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए अमेरिका जाने का विचार किया । १९८४ में टेक्सास यूनिवर्सिटी ऐरो स्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर ऑफ़ साइंस की डिग्री ली । फिर १९८८ में उन्होंने नासा के एम्स रिसर्च सेंटर में काम करना शुरू किया । कल्पना चावला प्रथम उड़ान स्ट्स ८७ कोलंबिया शटल सम्पन्न हुई जिनकी अवधि १९ नवंबर १९९७ से ५ दिसंबर १९९७ थी । कल्पना की दूसरी और आखरी उड़ान १६ जनवरी २००३ को स्पेस शटल कोलंबिया शुरू हुई यह १६ आंतरिक्ष मिशन था । १ फ़रवरी २००३ को लैंडिंग से पहले ही यह शटल दुर्घटना ग्रस्त हो गया ।