MR.K.R.NARAYANAN Indian President

MR.K.R.NARAYANAN

के आर नारायणनका जन्म २७ अक्टूबर १९२० को केरल के एक छोटे से गाँव पेरुमथानम् उझावुर त्रावणकोर में हुआ । १९२० को केरल के एक छोटे से गाँव कोच्चेरील रामन नारायणन था । यह भारत के दसवें और पहले दलित राष्ट्रपति थे । इनका परिवार काफी गरीब था । इनके पूर्वज पारवान जाति से सम्बन्ध रखते थे और उनका काम नारियल तोडना था । इनकी शुरुआती पढ़ाई इनके जन्मस्थान उझावुर के अवर प्राथमिक विद्यालय में शुरू हुई । १९३६ -में इन्होने सेंट मेरी हाई स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा पास की । इसके बाद इन्होने कला में स्नातक स्तर की परीक्षा पास की । फिर अंग्रेजी साहित्य में त्रावणकोर विश्वविद्यालय से १९४३ में स्नातकोत्तर परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की । यह एक कुशल नेता होने के साथ साथ एक अच्छे अर्थशास्त्री भी थे । १९४४- ४५ में इन्होने एक पत्रकार के रूप में ‘द टाइम्स ऑफ़ इंडिया ‘और ‘ द हिन्दू ‘में काम किया । १९४५ में यह इंग्लैंड चले गए । पहिए वहां इन्होने ‘लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स ‘में राजनीति विज्ञानं का अध्ययन किया । इन्होने इंडियन लीग में भी अपना पूरा सहयोग दिया । इंदिरा गांधी की सहायता से इन्होने राजनीति में कदम रखा । इन्होने तीन बार लोकसभा चुनावो में केरल की सीट पर विजय प्राप्त की । इसके बाद राजीव गांधी सरकार के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किये गए । २१ अगस्त १९९२ को डॉ शंकर दयाल शर्मा के राष्ट्रपति के काल में इन्हे उपराष्ट्रपति नियुक्त किया गया । वाम मोर्चा और उनमे वैचारिक अंतर होने के बाद भी वाम मोर्च ने उपराष्ट्रपति चुनाव और फिर राष्ट्रपति चुनाव में के आर नारायणन को समर्थन दिया । १७ जुलाई १९९७ को इन्हे राष्ट्रपति नियुक्त किया गया ।

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