India’s Nuclear Capability Hindi Essay

India’s Nuclear Capability Hindi Essay
भारत के परमाणु परीक्षण

रूपरेखा- परीक्षण कब – घोषणा किसके द्वारा- परेक्षणो की सफलता का रेहसय- गोपनीयता- परीक्षणो की प्रतिक्रिया- विश्व मे परमाणु शक्ति संपन्न देशों मे भारत की स्थिति- विश्व मे शक्तिशाली का ही महत्त्व |

10 मे 1998 की सुबह भी सामान्य दिनों की सुबह के ही समान थी | राजस्थान के जैयसेलमेर जिले के छोटे से कस्बे -पोखराब मे रहने वाले किसी भी व्यक्ति को यह अनुमान तक नही था की श्याम होते होते उनका यह छोटा

सा शांत उपक्षित कस्बा दुनिया भर के समाचारों मे छाप जाएगा, ठीक उसी तरह जैसे 18 मे 1974 को यानी 24 वर्ष पूर्व छाया था |

10 मे 1998 की श्याम एक संवादाता सम्मेलन मे लगभग दो माह पुराने कमजोर गठबंधन सरकार के मुख्या, प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपई ने भारत सरकार के दृढ़ निर्णय की घोषणा करते हुए कहा- “भारत ने आज

दोपहर राजस्ता ने पोखरण मे तीन सफल भूमिगत परमाणु परीक्ष्ण किए | एन मे एक तापीय परमाणु (हाइड्रोजन) विस्फोट मे शामिल है | दोपहर पोने चाट बजे हुए ये परीक्षण एक विखंडणे उपकरण, एक कम शांता के उपकरण

और तापीय परमाणु उपकरण की साहत्या से काइया गये | एन परीक्षानो की शक्ति के अनुसार रही तथा एनसे वातावरण मे कोई रेडियो- धार्मिता नही फैली है |”

इन पार्माणु परीक्षणो से भारत परमाणु शक्ति संपन्न देशों- संयुक्त ताजया अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटन और फ्रॅन्स के समक्ष खरा हो गया है | सन 1945 मे अमेरिका द्वारा न्यू मेक्सिको के मरुस्थल मे पहला परमाणु परीक्षण

करने के बाद से इन पाँच परमाणु शक्तियों ने दो हज़ार से भी ज़्यादा परमाणु परीक्षण कर डाले | इस शृंखला मे भारत्ने कुल छे परमाणु परीक्षण करके (भारत ने अपना पहला परमाणु परीक्षण 18 मे 1974 को किया था) विश्वा

की छट्टी परमाणु शक्ति के रूप के रूप मे अपने को स्थापित कर लिया |
इन परीक्षानो के बाद, अब भारत बराबरी के स्तर पर विश्वा के अन्य देशों से बात कर सकता है | भारत ने बार- बार स्पशट किया है की हमारा उद्देश्य आक्रमण नही, सुरक्षा है तथा हम परमाणु उर्जा का उपयोग शांतिपूर्वक उद्देश्यों के लिए करना चाहते है | मगर इतिहास सालशी है की शांति , प्रेम , भाईचारे को सदा कम्जोरी ही सम्झा जता है, जब तक कि यह बात कर्ने वला स्यम शक्ति सम्पन्ना ना हो ।