Ideal Student Hindi Essay आदर्श विद्द्यार्थी

Ideal Student Hindi Essay आदर्श विद्द्यार्थी

आज के बच्चे कल का भविष्य हैं I विद्द्यार्थी देश की आशा और भावी निर्माता होता है I प्राचीन काल में ऋषियों ने मनुष्य के जीवन को भागों में बांटा था, ब्रह्मचर्य आश्रम में बालक घर और परिवार से दूर गुरु के चरणों में बैठकर शिक्षा प्राप्त करता था I

तपस्या, ब्रह्मचर्य का पालन और गुरुसेवा ही उसके जीवन के उदेश्य होते थे I भारत के महान पुरषों की जीवनियां इस सत्य का प्रमाण हैं कि विद्द्यार्थीकाल में जिन व्यक्तियों ने श्रेष्ठ गुरु धारण किये, आगे चलकर जीवन में वे महान बने I आरुणि, अभिमन्यु और एकलव्य ऐसे ही आदर्श विद्द्यार्थी थे I गुण ग्रहण करने की आयु नन्हीं कोपल के समान होती है, जिसे जिधर चाहे मोड़ दो

यदि हम चाहते हैं कि हमारा भविष्य उज्जवल हो तो हमें विद्द्यार्थी जीवन में अच्छे गुणों और आदर्शों को ग्रहण करना चाहिए I आदर्श विद्द्यार्थी में संयम होना चाहिए, पूरी निष्ठा के साथ विद्द्या ग्रहण करनी चाहिए I किताबी शिक्षा के साथ विद्द्यार्थी का शारीरिक और मानसिक विकास भी अच्छा होना चाहिए I सदाचार और स्वावलंबन आदर्श विद्द्यार्थी के आवश्यक गुण हैं I

अपना काम स्वयं करने की आदत होनी चाहिए I दूसरों पर कभी निर्भर नहीं होना चाहिए I आदर्श विद्द्यार्थी को समाज और देश के निर्माण में कार्य करने के लिए तैयार रहना चाहिए I