Hindi Essay On Sachin Tendulkar

Hindi Essay On Sachin Tendulkar

 

उनको १९९४ में अर्जुन अवॉर्ड, १९९७ में राजीव गाँधी खेल रत्न, १९९९ में पद्मश्री और २००८ में पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया.

१६ नवंबर,२०१३ में उन्हें भारत रत्न दिए जाने का फ़ैसला किया गया, जो अब तक सबसे कम उमर वेल को और एक खिलाड़ी को दिया गया. वे पहले ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें इंडियन एर फोर्स द्वारा ग्रूप कॅप्टन का रैंक मिला है. २०१२ में उन्हें मेंबर ऑफ थे ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया नाम दिया गया. २०१२ में ही साची तेंदुलकर राज्य सभा के मेंबर बनने के लिए नॉमिनेट हुए. दिसंबर २०१२ में उन्होने एकदिवसीय क्रिकेट से सन्यास लेने की घोषणा की. ट्वेंटी ट्वेंटी क्रिकेट से उन्होने अक्टोबर २०१३ में सन्यास लिया और १६ नवेंबर २०१३ में उन्होने अपना आखरी मैच खेला जो कि वेस्ट इंडीस के खिलाफ था और २०० वाँ मैच था. तेंदुलकर ने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल ६६४ मैच खेले हैं और ३४,३५७ रन बनाए हैं. वो केवल एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में १०० सेंचुरियाँ बनाई हैं.

 

अंतत: साची तेंदुलकर के बारे में यही कहना उचित होगा कि धरती पर ऐसे होनहार यदा कदम ही जनम लेते हैं. सचिन तेंदुलकर  निश्चय ही भारत का गौरव हैं.