Hindi Essay On Industrialization | उद्योगीकरण

उद्योगीकरण

Hindi Essay On Industrialization

आज के वैज्ञानिक युग में किसी देश की प्रगति उसके उद्योग -धंधों पर निर्भर है. उत्पादन बढ़ने से देश में आत्मनिर्भरता आती है. उद्योगों के विकास से देश की आर्थिक दशा सुधरती है. उद्योगीकरण को अँग्रेज़ी में इंडस्त्रलाइज़ेशन कहते हैं.

आर्थिक विकास के लिए वैज्ञानिक आधारों और विशाल पैमाने पर उद्योग धंधों के विकास को ही उद्योगीकरण कहते हैं. बड़े बड़े कल – कारखानों की स्थापना करना और उससे उत्पादित वस्तुओं के लिए बाज़ार की व्यवस्था करना और उसे खपाने की उचित व्यवस्था आदि उद्योगीकरण के अंतर्गत आते हैं. 

 

उद्योगीकरण से आर्थिक समृद्धि उत्पन्न होती है और बेकारी दूर होने की संभावना बढ़ती है. उद्योगीकरण से सबसे बढ़ा लाभ यह होता है कि पूंजी किसी एक व्यक्ति के हाथ में न रहकर कारखानों में व्यय होती है और उस पर सरकार का नियंत्रण रहता है जिससे मज़दूरों के शोषण की समस्या समाप्त होती है. लोग अधिक परिश्रम करते हैं और देश विकास की ओर अग्रसर होता है. आज विकास के लिए हम जिस रूप में चाहे अनेक साधन उपलब्ध हैं. हम जिस रूप में चाहें उनका उपपयोग कर लाभान्वित हो सकते हैं. सबसे पहले इसके लिए कच्चे माल की अपेक्षा है. लोहा, कोयला आदि की खानें भारत में हैं इसलिए कारखानों को चलाने में कोई कठिनाई नहीं है लेकिन वैज्ञनिक साधनों के लिए हमें विदेशों पर निर्भर होना पढ़ता है. पूंजीपतियों को छोटे व्यापार से अधिक लाभ उठाने की प्रवृत्ति को कम करना होगा. हमारे यहाँ ऐसे बाज़ारों की अव्यशकता भी है जहाँ इस प्रकार के निर्मित माल को बेचा जा सके. 

 

भारत सरकार का यह कर्तव्य है कि वह व्यापारियों को अनेक सुविधायें प्रदान कर उन्हें उद्योग विकास की ओर बढ़ने की प्रेरणा दें. उद्योगीकरण ही भारत के भावी विकास में सर्वाधिक उपयोगी है तभी हम अपने अतीत को साकार देख सकेंगे|