GURU NANAK DEV JI Biography Essay

गुरु नानक जी का जन्म १५ अप्रैल १४९६ में पाकिस्तान के लाहौरके पास राय भोई की तलवंडी ,जिसे अभी नानका साहिब कहते है में हुआ था । उनके पिता पिता का नाम कल्याण चाँद था तथा उनकी माता का नाम तृप्ता  था । इनके पिता जी तलवंडी में एक पटवारी थे । गुरु नानक जी का विवाह माता सुलक्खनी से हुआ था ।

 

गुरु नानक जी ने सिख धर्म की स्थापना की थी । यह सिखों के पहले दस गुरुओं में से एक गुरु  थे । गुरु नानक जी की मृत्यु ७० साल की उम्र में २२ सितम्बर १५३९ में हुई थी ।

 

हमारे देश में गुरुओ को माता पिता   के समान माना जाता है । भारत वर्ष के सिख धर्म के पहले गुरु गुरु नानक देव जी अपने धर्म के सबसे बड़े गुरु माने जाते है । गुरु नानक  देव जी ने दूर दूर जगहों पर जाकर अपनी शिक्षा से लोगों में एकता और प्रेम को बढ़ावा दिया । उन्होंने लोगों को अपनी मधुर वाणी से बेहद सरल भाषा में  समझाया की मनुष्य एक दूसरे के भाई है ,सबका ईश्वर एक पिता है फिर एक ही पिता  के बच्चे होते हुए हम ऊँचे नीचे कैसे हो सकते है ।

गुरु नानक देव जी ही है  जिन्होंने गुरु के लंगर की परम्परा चलाई ,जहां कोई भी मनुष्य छोटा -बड़ा नही है ,ना कोई अछूत हैं । गुरु का लंगर एक  पंक्ति में बैठकर   ग्रहण  जाता हैं ।

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