Garibi Ek Abhishaap Hindi Essay On Poverty गरीबी एक अभिशाप

Garibi Ek Abhishaap Hindi Essay On Poverty गरीबी एक अभिशाप
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Garibi Ek Abhishaap

इस बात से कोई इंकार नही कर सकता की गरीबी एक अभिशाप है । कोई भी देश ऐसा नही होगा जो इस गरीबी से पूरी तरह से मुक्त हो ।

अगर हूँ गरीबी की परिभाषा देखे तो जो व्यक्ति अपने खाने पिने और रहने के लिए पर्याप्त धन नही जुटा पता वो गरीबी रेखा से निचे वाले वर्ग में आता है ।

इसे अभिशाप कहना गलत नही होगा क्योंकि जो इंसान गरीब होता है उसके साथ अच्छा व्ययभार नही किया जाता । आज भी देश की सरकार सिर्फ वादे करते है परन्तु इस गरीबी के खिलाफ ठोस कदम नही उठाये जाते । भारत के ७० परिसद जनसंख्या आज भी पेट भर खाना नही खा पाती । भारत के आर्थिक विकास के साथ साथ गरीबी भी बढ़ती जा रही है ।

गरीबी का सबसे बड़ा कारण महगाई का बढ़ना है। हर चीज़ के दाम बढ़ रहे है लेकिन मजदूरो के साथ हर तरह से शोषण किआ जा रहा है। इन्हे नाममात्र मजदूरी मिल रही है। गरीबी का दूसरा बड़ा कारण अनपढ़ता है। तीसरा बड़ा कारण है देश में भ्रष्टाचार । सरकार जो भी मुहीम चलाती है चाहे वह शिक्षा हो या चिकित्सा वो गरीबो तक पहुँचते -पहुँचते नेता खा लेते है। अगर जल्दी ही इस गरीबी के लिए कदम नही उठाये गए तो वो दिन दूर नही जब पूरा देश इसकी चपेट में आ जायेगा ।