Ganesh Chaturthi Hindi Paragraph Writing

गणेश चतुर्थी भादो माह शुल्क चतुर्थी होता है । दस दिन तक गणेश जी की पूजा है । और अंत में चतुर्दर्शी वाले दिन यह उत्सव समाप्त होता है । पुरे देश भर में इस अवसर को धूम धाम से मनाया जाता है । इतिहास के सेवनियुक्त प्राध्यापक प्रो यूजी गुप्ता ने बताया की सन १८९३ में लोकमान्य तिलक ने ब्रह्मणो और गैर ब्रह्मणो के बीच की दुरी खत्म करने लिए एलान किया की गणेश भगवान सभी के देवता है ।

इस उदेश्य से उन्होंने गणेश उत्सव के सार्वजानिक आयोजन किये । और देखते ही देखते यह आयोजन महाराष्ट्र में शुरू हुआ और फिर सारे देश में यह उत्सव मनाया जाने लगा । समाज सुधारक लोक मान्य तिलक का ये प्रयास एकता की एक मिसाल साबित हुआ । भगवन गणेश जी को मंगल मूर्ति और विघ्नहर्ता कहा है । उन्हें बुद्धि ,समृद्धि और वैभव का देवता मानकर उनकी पूजा है । गणेश जी भगवान शिव और पार्वती जी के पुत्र थे । गणेश जी का चेहरा हाथी का हैं । उनकी सवारी चूहा हैं ।भगवान के चरित्र विशाल हैं । जब श्री वेदव्यास महाभारत की रचना कर रहे थे तब गणेश जी का स्मरण परन्तु गणेश जी ने लिखने के लिए यह शर्त रखी जब तक वेद व्यास जी बोलेंगे तब तक वह लिखेंगे जब वह बोलने से बंद हो जायेंगे तब वह लिखना भी बंद कर देंगे । गणेश जी ने ही सबको बताया की माता पिता से बढ़कर कुछ नही है उनके चरणो में ही चारो लोक है ।