Essay in Hindi on Delhi metro

Delhi Metro Hindi Paragraph Essay of 200 words

प्रदूषण और यातायात जाम को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने मैट्रो रेल की योजना २४ दिसंबर, 2002 शुरू की। इस परिवहन व्यवस्था की अधिकतम गति ८०किमी/घंटा रखी गयी है और यह हर स्टेशन पर लगभग २० सेकेंड रुकती है।

ये योजना यहाँ के लोगो के लिए वरदान साबित हुई । इस योजना से लोगो का समय, धन और मेहनत कम हो गई। मैट्रो रेल के चलने से बहुत से फायदे हो गए। इससे सड़क यातायात में काफी सुधार हो गया और लोगो को भी बसो के धक्के और धूल मिटी से बचकर इस मैट्रो का सफर लाभदायक लगा और सभी की तरफ से इस योजना की काफी तारीफ की गई।

मेट्रो रेल एक नयी संचार और नियंत्रण प्रणाली से भरपूर है। इस रेल के सभी कोच ये बोगी स्वच्छ और वातानुकूलित है। ये अपने निधारित समय पे अपने स्टेशन से पूरे नियम से चलती है। इसकी टिकट प्रणाली भी बहुत आसान है। इसमें यात्रा करने के लिए लोगो को टोकन लेना पड़ता है या फिर स्मार्ट कार्ड का भी प्रयोग कर सकते है।

मैट्रो स्टेशन पे प्रवेश और बहार जाने की परक्रिय भी बड़ी आधुनिक है। लोगो की सुविधा के लिए एस्कलेटर स्थापित किये गए है। लोगो को यहाँ से निकल के दूसरे वाहन लेने में कोई दिक्कत न हो इसलिए इन स्टेशनों को पास के बस अड्डो से जोड़ा गया है। इस रेल में विकलांगो के लिए विशेष सुविधा दी गई है। मैट्रो रेल के तकनीकी कर्मचारी पूरी तरह से सक्षम है और विदेशो से भी प्रशिक्षण ले के आये है।

मैट्रो रेल को राजधानी की शान कहा जाता है और इसे साफ़ सुथरा रखना सरकार के साथ साथ आम जनता का भी कर्तव्य है।