Dinbandhu Choudhri Choturam Hindi Essay दीनबन्धु चौधरी छोटूराम

आज से लगभग सौ वर्ष से पहले हरियाणा में एक महापुरुष ने जन्म लिया जिसने अपनी योग्यता और समाज-सुधार के कार्यों से सारे देश को चकित कर दिया, उस महापुरुष का नाम था-चौधरी छोटूराम I

छोटूराम का जन्म रोहतक जिले के एक छोटे गांव में 24 नवंबर 1881 को एक निर्धन परिवार में हुआ I उनके पिता का नाम चौधरी राम तथा माता का नाम श्रीमती सिरिया देवी था I छोटूराम जी ने अपनी पढ़ाई और वकालत बहुत कठिनाई से पूरी की I इन्होने रोहतक को ही अपनी कर्मभूमि बनाया I उन्होंने लोगों कि दुर्द्शा देखकर उनकी दशा सुधरने का निश्चय कर लिया I

महर्षि दयानन्द सरस्वती जी से प्रभावित होकर इन्होने भी वैदिक धर्म अपना लिया I छोटूराम जी ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठायी और लोगों को जागरूक करने लगे I वे बहुत सच्चरित्र व्यक्ति थे और वे रिश्वतखोरी, बेईमानी और चापलूसी के कट्टर विरोधी थे I वे समाज-सुधार कार्यक्रम के साथ साथ हरियाणा का आर्थिक विकास भी करना चाहते थे I

इसलिए वह 1916 में वे कांग्रेस में शामिल हो गये I वे कांग्रेस कि आर्थिक निति के खिलाफ थे इसलिए वे ज्यादा दिन कांग्रेस के साथ नही रह सके I उन्होंने दूसरा राजनैतिक क्षेत्र चुना । उनके भूमि-सुधार कार्यक्रम को आज भी मान्यता प्राप्त है I उस समय के मंत्रिमण्डल में उन्होंने सराहनीय काम किया I

छोटूराम जी हरियाणा के जनजीवन के प्रतीक थे I सन 1981 में राज्य में उनकी पुण्य जन्म शताब्दी मनायी गई Iउनके नाम पर हरियाणा सरकार की ओर से ग्रामोत्थान और शिक्षा प्रसार के लिए अनेक योजनाएं शुरू की गई I