Dakiya Nibandh – Postman essay in Hindi

Dakiya Nibandh – Postman essay in Hindi

डाकिया एक महत्वपूर्ण सरकारी कर्मचारी है
डाकिया खाकी वर्दी पहनता है और एक झोला भी रखता है
डाकिया समाज का एक महत्वपूर्ण सदस्य है
वह रोज़ सुबह डाक घर से डाक ले कर आता है
डाकिया रोज़ घर घर जा कर चिठिया, पत्र, पार्सल तथा मनी आर्डर बांटता है.
लोग डाकिये का बेसब्री से इंतज़ार करते हैं.
कुछ लोगों के लिए डाकिया अच्छी खबर लाता है
लेकिन कुछ लोगों के लिए buri की खबर लाता है.
बारिश हो या तूफान, गर्मी हो या सर्दी, डाकिया अपना काम निरंतर करता रहता है.
एक postman की जिंदगी बहुत कठिन जिंदगी है.
डाकिया बहुत ही कम छुट्टियां लेता है.
डाकिए की तनख्वाह भी बहुत कम होती है.
जो गांव में काम करते हैं उनका काम और भी मुश्किल होता है. इन postmans को लंबे रास्ते तय कर कर डाक पहुंचाने के लिए जाना पड़ता है डाकिए को सेहतमंद होना जरूरी है. कई बार डाकियों को पढ़ने और लिखने का काम भी करना पड़ता है क्योंकि कुछ गांव वाले स्वयं पढ़ लिख नहीं सकते. गांव वाले इसलिए postman का बहुत आदर करते हैं और इनाम भी देते हैं.
अतः हम कह सकते हैं कि पोस्टमैन एक बहुत ही मेहनतकश इंसान है. हर डाकिए को हमारी सांत्वना एवं प्रोत्साहन मिलना चाहिए क्योंकि वह समाज के लिए बहुत अच्छा कार्य करते हैं. हमें यह याद रखना चाहिए कि डाकिया भी हमारा एक दोस्त है.

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