Chatrpati Shivaji Maharaaj Hindi Essay छत्रपति शिवाजी महाराज

भारत के इतिहास में छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम सवर्ण अक्षरों में दर्ज है । लोग आज भी इनको सम्मान से याद करते हैं I शिवाजी जी का जन्म सन 1627 में पूना के निकट शिवनेर दुर्ग में हुआ I इनके पिता श्री शाह जी भौंसले बीजापुर के सुल्तान के दरबारी थे और माता जीजाबाई बड़े धार्मिक विचारों की थी I

इनकी माता ने ही इन्हे देशभक्ति की शिक्षा दी और व्यवहारिक शिक्षा दादा जी कोंड देव जी से मिली I शिवाजी गो वध के कट्टर विरोधी थे और उन्होंने पिता के समझाने पर भी सुल्तान को झुककर अभिनंदन नहीं किया क्योंकि सुल्तान के राज्य में खुला गोवध हो रहा था । शिवाजी गोरक्षा और ब्राह्मण रक्षा को अपने धर्म का अंग समझते थे I

शिवाजी जी ने मावली पुवकों में संगठन उत्त्पन्न कर के एक शक्तिशाली सेना का गठन किया I फिर शिवाजी जी ने बीजापुर के बहुत से किलों पर कब्ज़ा कर लिया I शिवाजी महाराज ने मुगलों के बहुत दांत खट्टे किये और कई शक्तिशाली मुगलों अफजल खां आदि का वध किया I मुग़ल शिवाजी महाराज के नाम से थर थर कांपते थे I

फिर औरंगजेब ने धोखे से शिवाजी महाराज को बंदी बना लिया पर शिवाजी महाराज अपनी तेज बुद्धि के बल पर वंहा से भी छूट गये I शिवाजी महाराज ने 1674 ईस्वी में छत्रपति की उपाधि धारण की I शिवाजी बहुत न्यायप्रिय इंसान थे I फिर उनका राज्यभिषेक हुआ I शिवाजी के जीवन में वीरता, निति कुशलता, निडरता, साहस आदि गुणों का समन्वय था, वे उच्च आदर्श के स्वामी थे I केवल 53 वर्ष की आयु में सन 1680 को उनका निधन हो गया, पर शिवाजी महाराज आज भी भारत के लोगों के दिलों में जिन्दा हैं I