Bhagat Singh Hindi Essay अमर शहीद सरदार भगत सिंह

Bhagat Singh Hindi Essay अमर शहीद सरदार भगत सिंह
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Shaheed Bhagat Singh Hindi Essay

अमर शहीद सरदार भगत सिंह का नाम कौन नहीं जनता, जब भी अमर शहीद सरदार भगत सिंह का नाम लिया जाता है तो दिल में इनके लिए अपार श्रद्धा उमड़ जाती है और सिर सम्मान में झुक जाता है I

Shaheed Bhagat Singh
Shaheed Bhagat Singh

भगत सिंह जी का जन्म 1907 में लायपुर (अब पाकिस्तान में) जिले के एक गांव सरदार किशनसिंह जी के घर में हुआ I इनका परिवार शूरवीरता के लिए माना जाता था I कभी कभी इनके पुरे परिवार को ही जेल में बंद कर दिया जाता था I भगत सिंह जी बचपन से ही मेधावी थे I

इन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की I भगत सिंह जी महात्मा गांधी जी से प्रेरित होकर उनके असहयोग आंदोलन में कूद गये I बाद मैं वे क्रांतिकारियों से मिल गये और देश को आजाद कराने में जुट गये I 30 अक्टूबर 1928 को साइमन कमीशन के विरोध में लाहौर में लोग नारे लगा रहे थे तो अंग्रेजो ने लोगों पर डण्डे चलाये जिसमें लाला लाजपतराय जी की मौत हो गयी I

इनकी मौत का बदला लेने के लिए भगत सिंह और उनके दोस्तों ने स्कॉट सांडर्स को गोलियों से भून दिया I उसके बाद भगत सिंह रूप बदल कर कंही और चले गये I फिर भगत सिंह ने लोकसभा में बम फेंका, पर बम ऐसी जगह फेंका कि किसी को चोट न लगे I फिर इन्होने असेंबली में पर्चे फेंके और इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाये I

इनको पकड़ लिया गया और 1931 को भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव तीनो को फांसी दे दी गयी I इससे सारा देश भड़क उठा और जनता ने अंग्रेजो के विरुद्ध विद्रोह कर दिया I इनकी शहादत रंग लायी और 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हो गया और उस स्थान पर भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव तीनो की समाधियां बना दी गई I आज भी लोग वंहा पर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं I