Anna Hazare ka Aandolan अन्ना हज़ारे

Anna Hazare ka Aandolan अन्ना हज़ारे
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Anna Hazare ka Aandolan

अन्ना हज़ारे भारत के एक गांधीवाद विचारो वाले नेता है । अन्ना हज़ारे ने २०११ में जनलोकपाल बिल पास करवाने क लिए अनशन रखा था । ये बिल भ्रष्टाचार को खतम करने के लिए था जिसके लिए समाजसेवी अन्ना ने १२ दिन खूब जम के अनशन किया ।

अंत में हज़ारे साहेब ने कुछ आश्वासनों पर इस आंदोलन को खत्म कर दिया पर कई विश्लेषकों का मानना है की ये आधी जीत तो क्या इस अभियान का एक इंच हिलना भी नही हुआ ।

इस आंदोलन में और भी कई लोग जुड़े है परन्तु प्रशन ये है की इनमे से उपनेतृत्व की भूमिका कौन निभाएगा । इस जनलोकपाल बिल में कई मांगे है जैसे की भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध किसी भी मामले की जाँच एक साल के भीतर पूरी की जाये और उसे सजा दी जाये । इस बिल में एक पॉइंट ये है की अगर किसी भी व्यक्ति का काम तय समय में नही होता तो दोषी अफसर पर जुरमाना होगा ।

आना हज़ारे का भ्रष्टचार के खिलाफ जो ये अनशन आंदोलन था इसमें कई कमियां थी । इसमें जुड़े कई लोग राजनीती रूप में दिखाई दिए सबसे बड़ी बात ये थी की अनशन अकेले हज़ारे साहेब कर रहे थे जबकि बाकी की टीम केवल राजनीती करती दिखयी दी ।

इस बात में कोई दोराय नही थी की इस आंदोलन से पुरे देश के जनमानस पे प्रभाव पड़ा । इस अनशन के समाप्ति में खूब आनद मनाया गया पर अन्ना हज़ारे का कहना था की ये जीत अधूरी है मेने अनशन स्तगित किया है समाप्त नही ।

इस आंदोलन का चाहे बिल पे कोई खास प्रभाव नही पड़ा परन्तु एक सकरात्मक प्रभाव जरूर हुआ है की इस आंदोलन से देश के युवाओं पे असर हुआ और उन्होंने बाद चढ़ के इस आंदोलन में हिस्सा लिया। अन्ना हज़ारे ने इस आंदलोन से एक महानायक की छवि छोड़ दी ।