AAdarsh Balak | Ideal Student | Ideal Boy

AADRSH BALAK

आदर्श बालक उसे कहा जाता है जो ज्ञान और विद्या को ही अपना लक्ष्य मानता है । विद्या ही मनुष्य को नम्र ,सहनशीलनॉर गुणवान बनती है । विद्या प्राप्त करने के बाद ही एक मनुष्य या एक बालक या कह सकते है विद्यार्थी आगे चलकर योग्य नागरिक बनता है । एक आदर्शबालक अच्छी पुस्तको को पढ़ता है ।

और उनमे लिखी बातों को अपने जीवन में उतारता है ।वह अच्छे गुणों को अपनाता है और बुराई रहता है। आदर्श बालक आगे बढ़कर सबकी मदद करता है । एक आदर्श बालक वहीं कहलाया है जो अपने गुरुओं की हर बात मानता है और उनका सम्मान करता है । उनके द्वारा बताई बातों को अपने जीवन में उतरता है । एक बालक अपने देश का भविष्य होता है । वे ही बड़े होकर एक अच्छे डॉक्टर ,इंजीनियर ,वैज्ञानिक और राष्ट्रपति बनते है । हमारे पुराने इतिहास में ऐसी कई कहानिया है जिसमे एक आदर्श बालक के बारे में पढ़ने और सुनने को मिलता है । जैसे श्रवण कुमार जिसने अपने अंधे माँ बाप को अपने कंधो पर बिठाकर सारी दुनिया की सैर कराई । वहीं दूसरी और एकलव्य है जिसने अपने गुरु के कहने पर अपना अंगूठा काटकर उनके चरणो में रख दिया ।