Women’s Education Hindi Essay नारी शिक्षा

613 votes, 3.78 avg. Essay rating (75% score)

Hindi Essay About Women’s Education
Here is a short paragraph about Women’s Education

नारी शिक्षा
कहा गया है जंहा स्त्रियों की पूजा होती है वंहा देवता निवास करते हैं । प्राचीन काल से ही नारी को ‘गृह देवी’ या ‘गृह लक्ष्मी’ कहा जाता है ।
Continue reading Essay Views: 73111

Doordarshan Hindi Essay दूरदर्शन के लाभ और हानियां

561 votes, 3.80 avg. Essay rating (75% score)

Doordarshan ke laabh aur haniyaan

How to write an essay on Doordarshan

Sample essay about Doordarshan is given as follows

दूरदर्शन विज्ञान का अद्भुत चमत्कार है । सन 1901 में मारकोनी नामक वैज्ञानिक ने रेडियो का अविष्कार किया था । इसकी सहायता से हम देश विदेश में होने वाले कार्यक्रम सुन सकते है। Continue reading Essay Views: 51747

My Life Aim Hindi Essay मेरे जीवन का उद्देश्य

537 votes, 3.98 avg. Essay rating (79% score)

My Life’s Aim
Short Paragraph on what do I want to do in Life
200 words essay on “My Life’s Aim”

मेरे जीवन का उद्देश्य

संसार में हर प्राणी अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है । सूर्य, चन्द्र, सितारे सब अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहते हैं । तो फिर में अपने जीवन को बिना उद्देश्य से कैसे रख सकता हूँ ।
Continue reading Essay Views: 39801

Global Warming In Hindi

484 votes, 3.67 avg. Essay rating (73% score)

Global Warming In Hindi
हिन्दी में ग्लोबल वार्मिंग निबंध

ग्लोबल वार्मिंग धरती के वायुमंडल के औसत तापमान में वृद्धि है. Continue reading Essay Views: 49967

गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) Republic Day Essay – Essay On Republic Day In Hindi

401 votes, 3.82 avg. Essay rating (76% score)

The Indian Republic Day | The Republic Day Parade
Beating Retreat | Paragraph About Republic Day
26 जनवरी 1950 को हमारे देश भारत का संविधान लागू हुआ था I इस दिन हमारा देश गणतंत्र घोषित हुआ था I Continue reading Essay Views: 49439

Computers Hindi Essay – Computer Hindi Nibandh – कंप्यूटर

519 votes, 3.91 avg. Essay rating (78% score)

कंप्यूटर : विज्ञान का अद्भूत चमत्कार

सारी दुनिया आपसे बस एक बटन की दुरी पर हैI जी हां, कंप्यूटर एक ऐसी मशीन है जिसने दुनिया को आपके पास ला दिया हैI यह विज्ञान का एक अद्भुत वरदान हैI

Continue reading Essay Views: 38126

Essay on Pollution In Hindi | Essay In Hindi About Pollution

801 votes, 3.87 avg. Essay rating (77% score)

Essay on Pollution
प्रदषूण की समस्या पर 250 शब्दो का ननबन्ध लिखो।

Write an Essay on Pollution in about 250 words.
Continue reading Essay Views: 119069

Hathi – Elephant Hindi Essay My Favorite Animal

4 votes, 4.00 avg. Essay rating (79% score)

Hathi

हाथी एक बहुत बड़ा जमीन पे रहने वाला जानवर है । इसे दुनिया का सबसे मजबूत जानवर माना जाता है इसकी ऊंचाई लगभग १० फुट तक की होती है और इसका रंग गहरा होता है। इसके चार पैर और दो बड़े बड़े कान होते है।ये अपनी लम्बी सूंड के कारण लोकप्रिय और अनोखा माना जाता है । इसके दो लम्बे दाँत बहार की ओर निकले होते है । हाथी जयादा जंगलो में पाये जाते है । भारत में ये असम,त्रिपुरा और मैसूर में जयादा पाये जाते है । विदेशो में ये अफ्रीका में पाये जाते है । Continue reading Essay Views: 986

Adarsh Adhyapak – My Favorite Teacher

8 votes, 3.62 avg. Essay rating (73% score)

Aadarsh Adhyapak My Favorite Teacher

हम सब के जीवन में शिक्षा का बहुत महत्व है। इस शिक्षा को सही रास्ता एक आदर्श अध्यापक ही सकता है। आदर्श अध्यापक का आलकन उसके चरित्र और शैक्षणिक क्षमता से किया जाता है। एक अध्यापक के बिना विद्यार्थी का जीवन अधूरा है। Continue reading Essay Views: 675

Trees- Ped Podhon ka mehatva – Greenery Importance Hindi Paragraph

16 votes, 2.63 avg. Essay rating (53% score)

Trees

पेड़ हमारे जीवन के लिए उतने ही महत्वपूर्ण है जितनी की हमारी साँसे। इन पेड़ो का मानव के ही नहीं बल्कि जीव-जन्तुओ के जीवन में भी प्रभाव पड़ता है। इन पेड़ो से सब जीवित प्राणी और पशु-पक्षियों को ऑक्सीजन प्रदान करते है। इन पेड़ो से हमारा वातावरण हरा-भरा रहता है। इन पेड़ो के बहुत उपयोग है। ये पेड़ वर्षा का भी कारण बनते है और ये सुखा और बाढ़ रोकने में भी मदद करते है। Continue reading Essay Views: 918

Ganga Pradushan | Pollution of River Ganges

3 votes, 5.00 avg. Essay rating (94% score)

Ganga Pardushan

गंगा नदी भारत की प्राचीन नदियों में से एक है और इसका अपना एक इतिहास है । यह नदी सब भारतीयों की एक आस्था का भी प्रतीक माना जाता है इसलिए यह सिर्फ एक नदी नहीं है। यह नदी हिमालय की गोद से निकल कर मैदानी इलाको में आती है। Continue reading Essay Views: 620

EID FESTIVAL | IDUL FITAR

3 votes, 5.00 avg. Essay rating (94% score)

EID

ईद उल फितर रमजान महीने के खत्म होने मनाया जाता है । इस दिन सेवइयां आदि बनाई जाती है । ईद फितर भूख प्यास सहन करने के एक महीने तक ईश्वर या खुदा को याद करने वाले रोजेदारों को अल्लाह का इनाम है । इस दिन लोग अपने पुराने लड़ाई झगडे भूलकर एक दूसरे से गले मिलते है । दुनिया में चाँद देखकर रोजा रखने और चाँद देखकर रोजा तोडना एक पुरानी परम्परा है । Continue reading Essay Views: 182

Dog Hindi Essay | My Pet Animal Hindi Paragraph | My Pet Dog

1 vote, 5.00 avg. Essay rating (88% score)

DOG

कहा जाता है मनुष्य कुत्ते का रिश्ता बहुत पुराना है । कुत्ते को स्वामिभक्त कहा जाता है । हमेशा मनुष्य अपने घर में एक पशु या पक्षी पालता है । परतु ज्यादातर लोग अपने घरो में कुतो को पालना ज्यादा पसंद करते है । कुत्ते ज्यादातर दो से चार फुट ऊँचे होते है । इसकी जीभ काफी लम्बी होती है । Continue reading Essay Views: 385

AAdarsh Balak | Ideal Student | Ideal Boy

3 votes, 5.00 avg. Essay rating (94% score)

AADRSH BALAK

आदर्श बालक उसे कहा जाता है जो ज्ञान और विद्या को ही अपना लक्ष्य मानता है । विद्या ही मनुष्य को नम्र ,सहनशीलनॉर गुणवान बनती है । विद्या प्राप्त करने के बाद ही एक मनुष्य या एक बालक या कह सकते है विद्यार्थी आगे चलकर योग्य नागरिक बनता है । एक आदर्शबालक अच्छी पुस्तको को पढ़ता है । Continue reading Essay Views: 202

Garmi Ka Mausam | Greeshm Ritu | Summer Season

3 votes, 4.67 avg. Essay rating (89% score)

GARMI KA MAUSAM

गर्मी का मौसम है । लोग गर्मी से बेहाल है । गर्मी से बचने के नए नए तरीके लोग खोज रहे है । ए सी /कूलर /पंखे पता नही क्या क्या । कई लोग इसे ग्लोबल वार्मिंग का कारण बताते हैं तो कोई इराक और अफगानिस्तान में वॉर। क्यासच है और क्या झुट्ज ये हमें पता । कुछ सोचता हूँ क्या गर्मी पहले नही थी । जब ग्लोबल वार्मिंग नही थी और जब कोई वॉर नही था और वर्ल्ड वॉर था तो भी गर्मी इतनी ही थी तो आज लोग इतनी तौबा क्यों करते हैं। Continue reading Essay Views: 623

JANLOK PAL BILL Hindi Essay

1 vote, 5.00 avg. Essay rating (88% score)

JANLOK PAL BILL

लोकपाल संस्कृत शब्द “लोक” अर्थात लोगों और कार्यवाहक अर्थात “पाला” से प्राप्त किया गया है। इसलिए, लोकपाल शब्द का अर्थ “लोगों के कार्यवाहक” है।श्री शांति भूषण ने 1968 में पहली बार लोकपाल विधेयक का प्रस्ताव रखा और यह चौथे लोकसभा में पारित गया परन्तु 1969 में राज्यसभा में विफल कर दिया । Continue reading Essay Views: 183

My Leaving School Hindi Paragraph | School Farewell

3 votes, 3.67 avg. Essay rating (74% score)

MY LEAVING SCHOOL

3 मार्च 1990, मेरे स्कूल का आखिरी दिन था। उस दिन मैं खुश भी था और दुखी भी। खुश इसलिए की में कॉलेज जाऊंगा और दुखी इसलिए की मेरे स्कूल छोड़ने के विचार से जहाँ मैंने जीवन के सात साल बिताए थे। 09:15 पर सामान्य रूप से स्कूल पहुंच गया।मेरे पास केवल एक ही किताब थी जो मैंने पुस्तकालय से उधार ली थी । सभी 10 वीं कक्षा के छात्र बिना बैग के स्कूल आये थे । Continue reading Essay Views: 162

MySelf Hindi Paragraph

2 votes, 1.50 avg. Essay rating (45% score)

MYSELF

मैं 14 साल का लड़का हूँ। मेरा नाम अविनाश है। मेरे दादा ने मुझे यह नाम दिया है। मुझे मेरा नाम काफी पसंद है। अविनाश एक हिंदी शब्द है इस का मतलब है अनन्त । मैं एक किराए के फ्लैट में दिल्ली के माल रोड इलाके में रहता हूँ । Continue reading Essay Views: 427

Himalayas Hindi Essay | Short Paragraph about the Himalayas

1 vote, 4.00 avg. Essay rating (78% score)

हिमालय पर्वत

हिमालय एक ऐसा पर्वत है जो संसार के पर्वतो में से सबसे उँचा है। इसे पर्वतो का राजा भी कहा जाता है । ये भारतीय उपमहाद्वीप को मध्य एशिया और तिब्बत से अलग करता है। हिमालय दो शब्दों से मिल के बना है हिम + आलय । Continue reading Essay Views: 149

Bharat – Mera Desh – My India Hindi Essay

6 votes, 2.67 avg. Essay rating (56% score)

BHARAT

भारत देश को सोने की चड़िया कहा जाता है । हमारा भारत देश वह देश है जहाँ माताएं भगवान को अपनी गोद में खिलाती हैं । हमारे देश का नाम राजा दुष्यंत और रानी शकुन्तला के पुत्र भरत के नाम पर पड़ा । भारत देश का प्राचीन नाम आर्यवर्त था । परंतु अंग्रेजो ने इसे इंडिया का नाम दिया । हमारा कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक फैला हुआ है । Continue reading Essay Views: 847

Ganesh Chaturthi Hindi Paragraph Writing

1 vote, 3.00 avg. Essay rating (68% score)

गणेश चतुर्थी भादो माह शुल्क चतुर्थी होता है । दस दिन तक गणेश जी की पूजा है । और अंत में चतुर्दर्शी वाले दिन यह उत्सव समाप्त होता है । पुरे देश भर में इस अवसर को धूम धाम से मनाया जाता है । इतिहास के सेवनियुक्त प्राध्यापक प्रो यूजी गुप्ता ने बताया की सन १८९३ में लोकमान्य तिलक ने ब्रह्मणो और गैर ब्रह्मणो के बीच की दुरी खत्म करने लिए एलान किया की गणेश भगवान सभी के देवता है । Continue reading Essay Views: 227

WATER HINDI ESSAY Paragraph about importance of water

9 votes, 3.89 avg. Essay rating (77% score)

WATER

भगवान ने मनुष्य को अनेक प्रकार के प्राकृतिक उपहार प्रदान किए है। जिनमें से जल एक महत्वपूर्ण उपहार है जल के बिना मनुष्य अधूरा है। मानव शरीर में दो तिहाई मात्रा पानी की है। धरती पर रहने वाले हर जीव को पानी की बहुत आवश्यकता है। इसलिए कहा जाता हैं जल ही जीवन हैं। आदमी चांद से लेकर मंगल तक की सतह पर पानी तलाशने में लगा हुआ है ताकि वहाँ भी जीवन संभव हो सके। जल हमारे शरीर में कार्बोहड्रेट्स ,प्रोटीन और वसा की तरह ही काम करता है। Continue reading Essay Views: 829

BASAPPA DANAPPA JATTI President Of India – Shri BD Jatti

1 vote, 1.00 avg. Essay rating (48% score)

MR.BASAPPA DANAPPA JATTI

बसप्पा दनप्पा जट्टी स्वतंत्र भारत के छठे राष्ट्रपति   थे । यह एक बेहद नरम स्वभाव के व्यक्ति और कानून के अच्छे ज्ञाता थे । यह एक धार्मिक प्रवृति  वाले मनुष्य थे । इनका जन्म १० सितम्बर १९१२ को जमखंडी तलूक बीजापुर कर्नाटक में हुआ। Continue reading Essay Views: 116

GYANI ZAIL SINGH

1 vote, 5.00 avg. Essay rating (88% score)

GYANI ZAIL SINGH   

 

भारत के सातवे राष्ट्रपति ज्ञानी ज़ैल  सिंह के नाम से   विख्यात है। इनका वास्तविक नाम जरनैल सिंह है ।  इनका जन्म ५ मई १९१६ में पंजाब के फरीदकोट जिले  के संधवान  गाव में हुआ था।  इनके पिता का नाम भाई किशन सिंह था । इनके पिता एक समर्पित सिख थे । वह गावं में ही बढ़ई का कार्य करते    थे ।

जब यह छोटे थे तो इनकी माता का देहांत हो गया था । इनका  पालन पोषण इनकी  माता की बड़ी बहन ने किया था । ज्ञानी ज़ैल  सिंह बचपन से ही  स्वतंत्रता के लिए जागरूक थे । इन्होने छोटी सी में ही अंग्रेजो के  खिलाफ हो रहे आंदोलनों में भाग लेना शुरू कर दिया था । यह एक दृढ़निश्चय और साहसी व्यक्तित्व वाले इंसान थे । १५ वर्ष की आयु में आकलि  दल  से जुड़ गए थे ।  अमृतसर शहीद सिख मशीनरी कॉलेज से गुरु ग्रन्थ  मुह जवानी याद  करने के बाद इन्हे ज्ञानी की उपाधि दी  गई । १९३८ में ज़र्नैल सिंह ने प्रजामण्डल नामक एक राजनैतिक  गठन किया । जो भारतीय कांग्रेस के साथ मिलकर  विरुद्ध आंदोलन किया करती  थी । स्वतंत्रता  पश्चात ज्ञानी शैल सिंह को पटियाला और पूर्वी पंजाब राज्यों के संघ का राजस्व मंत्री बना दिया गया । १९५१ में जब कांग्रेस की सरकार बानी उस समय ज़ैल  सिंह   को कृषि मंत्री   बनाया गया । १९६२  में कांग्रेस  के समर्थन से   मुखयमंत्री  बनाया गया । १९८०  में इन्हे इंदिरा गांधी सरकार के कैबिनेट में रहते हुए गृह मंत्री बनाया गया । १९८२ में  रेड्डी का कार्यकाल समाप्त होने  बाद   सर्वसमति से राष्ट्रपति  लिए चुने गए । ज्ञानी ज़ैल सिंह बेहद धार्मिक व्यक्तित्व वाले इंसान थे । १९९४ में तख्त श्री केशगढ़ साहिब जाते समय उनकी  दुर्घटना ग्रस्त हो गई । उन्हें पी जी।आई चण्डीग़ढ इलाज के लिए ले जाया गया जहाँ उनकी मृत्यु हो गई। दिल्ली में ज्ञानी ज़ैल सिंह का अंतिम देह  संस्कारकिया गया । उसे एकता स्थल के नाम  से जाना जाता है।

Essay Views: 80

Dr. NEELAM SANJEEVA REDDY

3 votes, 3.00 avg. Essay rating (64% score)

Dr. NEELAM SANJEEVA REDDY

 

नीलम संजीव रेड्डी एक कृषक परिवार से सबंध रखते थे। यह एक  अनुभवी नेता होने के  साथ साथ एक अच्छे कवि और  प्रशासक भी थे । यह एक समान्य  मध्य वर्गीय परिवार से सम्बन्ध रखते थे । यह एक पक्के राष्ट्रवादी  थे । इनका जन्म १९ मई  १९१३ को आँध्रप्रदेश के अनंतपुर जिले में हुआ था ।

इनके पिता का नाम नीलम चिनप्पा रेड्डी था । यह एक कांग्रेस  पुराने कार्यकर्ता और प्रसिद्ध नेता थे । इनकी प्रारम्भिक शिक्षा थियोसोफिकल हाई स्कूल अड्यार ,मद्रास में  थी ।इन्होने अपनी आगे की पढ़ाई अटिस कॉलेज अनंतपुर से ग्रहण की । जब लाखो युवाओ ने महात्मा गांधी  प्रभावित होकर पढ़ाई लिखाई छोड़ दी और स्वतंत्रता संग्राम में शामिल  गए ,तब संजीव रेड्डी सिर्फ १८ वर्ष की आयु में स्वतंत्रता आंदोलनों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने लगे थे । इसी दौरान उन्हें कई बार जेल की हवा खानी  पड़ी थी । इंतना ही नही इन्होने महात्मा गांधी से प्रभावित होकर सत्याग्रह आंदोलन किया था । इन्होने कांग्रेस के  सदस्य के रूप में राजनीतिक जीवन आरंभ किया  था । संजीव रेड्डी में आंध्रप्रदेश के कांग्रेस समिति के समान्य सचिव चुने गए थे । इन्होने इस पद पर १० वर्ष  कार्य था । इन्होने  कांग्रेस पार्टी की तीन सत्रों  अध्यक्षता  की । १२ मार्च १९५२ को आंध्रप्रदेश के   मुख्यमंत्री बने । १९७१ में लोकसभा चुनाव में हार का सामना  करना पड़ा । जिससे उन्हें गहरा धक्का लगा । जनवरी १९७७ में यह जनता पार्टी की कार्य समिति के सदस्य बने । २६ मार्च१९७७  को इन्हे सर्वसमति से  स्पीकर चुना गया । लकिन  १३ जुलाई १९७७ को   इन्होने अपना पद  दिया । क्योंकि इन्हे राष्ट्रपति पद  लिए नामांकित किया  था ।जिस   में  इन्हे सर्वसमति से निर्विरोध आठवे राष्ट्रपति चुने   गए । राष्ट्रपति पद  पर १४ वर्ष सफलतापूर्वक कार्य करने  इनका निधन हो गया ।

Essay Views: 72

Dr. Rajendra Prasad President Of India Hindi Biography

3 votes, 3.33 avg. Essay rating (69% score)

 

Dr. राजेन्द्र प्रसाद का जन्म ३ दिसंबर,१८८४ में बिहार के एक छोटे से गाव जीरादेई में हुआ था । एक बड़े सयुंक्त परिवार के सबसे छोटे सदस्य होने के कारण इनका बचपन बहुत प्यार और दुलार से बीता। इनके पिता का नाम महादेव सहाय था । इनकी शिक्षा का आरंभ उन्ही के गाव जीरादेई में हुई । शिक्षा  तरफ इनका रुझान बहुत था । इस समय बाल विवाह का बहुत प्रचलन था इस कारण इनका विवाह १२ वर्ष की आयु में ही हो गया ।

इनकी पत्नी का नाम राजवंशी देवी था । अपनी शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने कलकत्ता विश्विद्यालय में प्रवेश परीक्षा दी । जिसमे उन्होंने प्रथम स्थान प्राप्त किया । जिसके लिए उन्हें ३० रूपये महीने की छात्रवृति भी दी  गई । सन   १९०२ में उन्होंने कलकत्ता प्रेसिडेंसी कॉलेज में प्रवेश लिया । सन  १९१५ मेंउन्होंने कानून में मास्टर की डिग्री में विशिष्टता पाने के लिए उन्हें सोने का मेडल मिला । इसके बाद उन्होंने कानून में डॉक्टरेट की उपाधि भी प्राप्त की । राजेन्द्र प्रसाद एक विद्वान और प्रतिभाशाली पुरुष थे। डॉ। राजेन्द्र प्रसाद जी राजनैतिक में तब आए जब उन्होंने गांधी से प्रेरित होकर विदेशी कपड़ो को पहनना छोड़ दिया । राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय कांग्रेस के एक से अधिक बार अध्यक्ष बने । चाहे भारत देश का १५ अगस्त १९४७ में स्वतंत्रता प्राप्त हुई परन्तु सविंधान सभा का गठन उससे पहले ही कर ली गई थी जिसके अध्यक्ष डॉ राजेन्द्र प्रसाद थे ।  जनवरी १९५० को भारत गणतंत्र बना और देश को अपना पहला राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद मिल गया । १९६२ में इन्हे ”भारत रतन”से पुरुस्कृत  राजनीति से संन्यास लेने  बाद इन्होने अपना जीवन पटना के एक आश्रम में बिताया जहाँ २८ फरबरी १९६३ में इनका निधन हो गया ।

Essay Views: 101

MUNSHI PREMCHAND Hindi Essay Biography

1 vote, 1.00 avg. Essay rating (48% score)

MUNSHI PREMCHAND

हमारे देश में कई लेखक हुए है । उनमे से एक प्रसिद्ध हिंदी साहित्य के सबसे अधिक पढ़े  जाने वाले और लोकप्रिय लेखक प्रेमचंद जी जो हिंदी में कहानियाँ और कई प्रकार के उपन्यासों को सुदृढ़ नीव दी हैं । उनकी कहानियां भारतीय समाज की कुरीतियों और विडम्ब्नाओ पर आधारित हैं ।

 

मुंशी प्रेमचंद जी का जन्म वाराणसी के निकट लमही गाँव में ३१ जुलाई १८८० में  हुआ था । मुंशी प्रेमचंद जी का मूल नाम धनपत राय श्रीवास्तव था । उन्होंने अपने प्रिये मित्र के सुझाव पर अपना नाम धनपतराय की जगह प्रेम  चाँद के नाम से अपनी कहानियां और उपन्यास लिखे । मुंशी प्रेमचंद जी हिन्दू और उर्दू के महान लेखको में से एक हैं ।

इनके पिता का नाम अजायेव राय था । इनके पिता डाकखाने में निगरानी करते थे । इनकी माता का नाम आनंदी  था। उस समय बाल विवाह का चलन था । इसलिए प्रेमचंद जी का विवाह १५ साल की उम्र में हो गया । जब गांधी जी ने अंग्रेजो के खिलाफ असहयोग आंदोलन शुरू किया तो ग़ांधी जी के विचारो से प्रभावित होकर और देश प्रेम की वजह से उन्होंने अपनी सरकारी नौकरी से त्याग पत्र दे दिया ।

 

मुंशी प्रेमचंद जी ने कई प्रसिद्ध उपन्यास लिखे जैसे सेवा सदन ,निर्मला ,गोदान ,गबन ,कर्मभूमि तथा रंगभूमि प्रमुख हैं ।

Essay Views: 78